उत्पादन ऋण

1. फसलें उगाने के लिए किसानो को उत्पादन ऋण देने की योजना (फसल लोन).

 

हेतु:

फसल उत्पादन के लिए निवेश की खरीदी.

 

योग्यता:

किसान जो मालिक-खेतिहर, असामी, पट्टाधारी है या दर्ज अधिभोग हक्को के साथ ग्राही किसान या जिनके पास खेती के पैतृक/चिरस्थायी अधिकार है ऎसे किसान. मौखिक असामी लोन के लिए तभी योग्य हो सकते है अगर जमीन मालिक सह-कर्जदार बनने के लिए राजी हो.

 

लोन की सीमा:

जरूरत पर आधारित, धनराशि के पैमाने पर आधारित.

 

सुविधाओ की प्रकृति:

कैश क्रैडिट सुविधा:

प्रवर्तमान आधार पर फसल उत्पादन की जरूरतो को पूर्ण करने के लिए सामान्यत: फसल लोन नगद ऋण के तौर पर दी जाती है.

छोटी अवधिवाली लोन:

किसी खास ऋतु के दौरान फसलें उगाने के लिए जैसे कि खरीफ़ ऋतु, रवि ऋतु, वगैरा.

 

लोन का पुन:भुगतान:

फसल लुनने और उसके विपणन के समय के साथ ही फसल लोन की वसूली के लिए देय तारीखें निर्धारित की जाती है.

 

2. आलू/फल उगाने वाले किसानो को कोल्ड स्टोरिज की रसीदो की सुरक्षा के बदले में धनराशि देने की योजना.

 

योग्यता:

अपने खुद के संसाधनो में से या हमारे बैँक की ओर से मिली आर्थिक सहाय के जरिए जिन्होने आलू और फल की उपज उगाई हो ऎसे किसान.

 

लोन की सीमा:

महत्तम रु.25,000/-

 

सुरक्षा:

बैंक के पक्ष में बाक़ायदा अदा की गई कोल्ड स्टोरिज़ रसीदो की सुरक्षा.

 

3. उत्पाद (विपणन) लोन योजना.

 

हेतु:

बैंक की ओर से किसानो द्वारा पायी गई बक़ाया फसल लोन/केसीसी मर्यादा का समंजन करने की/पुन:भुगतान करने की कम अवधि की ऋण जरूरत को पूर्ण करना और खेत उत्पाद का संग्रह करके व नियम कालावधि में सानूकुल कींमत पर उसे बेचकर अच्छे दाम पाना.

 

योग्यता:

लोन सिर्फ उन किसानो को प्राप्य होगी जिन्होने उस ऋतु में सम्बन्धित फसलें पैदा करने के लिए सिर्फ हमारे बैंक में से खुद को फसल लोन/केसीसी सुविधा/संयुक्त नगद ऋण मर्यादा के लिए मुहैया करवाया है जो पुन:भुगतान के लिए समय से पीछे न हो.

 

सुविधा की प्रकृति और सीमा:

कम समय की लोन. महत्तम रु.5 लाख तक. लोन की राशि किसान द्वारा ली गई फसल लोन से दुगुनी होगी या सरकार द्वारा घोषित मुख़्तारी कींमतो पर गिने जानेवाले उत्पाद के मूल्य की 75 प्रतिशत; दोनो में से जो कम हो वो होगी.

 

लोन का पुन:भुगतान:

उत्पाद (विपणन) लोन का पुन:भुगतान उसकी अदायगी की तारीख से लेकर बारह महिनो की महत्तम अवधि के अंदर करना होगा.

 

4. कीचन बाग़बानी में आर्थिक सहाय के लिए योजना.

 

हेतु:

बाडा लगाना, बीज, खाद, पौधे के रक्षण करनेवाले रसायण, जमीन विकास, बाग़काम के छोटे उपकरण जैसे निवेश की खरीदी के लिए लोन दी जाती है.

 

योग्यता:

उम्मीदवार प्रतिष्ठित सरकारी/अर्ध-सरकारी ईकाई या सहकारी/निजी क्षेत्र के संगठन में नियोजित होना चाहिए. हालांकि, वह तदर्थ कर्मचारी के तौर पर काम करता/करती होना/होनी नहीं चाहिए; धनराशि देनेवाली शाखा के साथ पहले जिसका व्यवहार हो एसी व्यावसायिक या स्व-नियोजित व्यक्ति; केन्द्र/राज्य सरकार या अन्य सरकारी संस्थान के पैंशन धारक और धनराशि देनेवाली शाखा में पैंशन खाता होना चाहिए; सरकारी/अर्धसरकारी निकाय और अन्य उपर्युक्त संगठनो के कर्मचारियों की पत्नियाँ भी योग्य है बशर्ते किसी हेतु के लिए लोन उनके पतिदेवो द्वारा न ली गई हो; स्टाफ के सभ्य भी लायक है बशर्ते उनके पास एसी प्रवृत्तियों का प्रारंभ करने के लिए पर्याप्त जगह हो; उम्मीदवार के पास रिहायशी घर में/के पास खाली जमीन और उसके उपयोग का अधिकार होना जरूरी है; बैंक के साथ कम से कम छह महिने के लिए उनका जमा खाता होना चाहिए; लोन के पुन:भुगतान के लिए उम्मीदवार के पास पर्याप्त आमदनी होनी चाहिए.

 

लोन की प्रकृति और सीमा:

रु.5000/- तक कम मुदत की लोन.

 

लोन का पुन:भुगतान:

एक साल