मत्स्य-उद्योग विकास के लिए धनराशि देने की योजना

 

हेतु:

तालाब/टंकियों के निर्माण/पुनरुद्धार, जलमार्ग का निर्माण, झींगा, पोने और आंगुलिक/मत्स्य बीज/झींगा बीज की खरीदी, मछलियो की उपज तक तेल टिकिया, खाद, कार्बनिक खाद और अन्य खुराकी चीज़ो की खरीदी, जाली, बक्सा, बास्किट, रस्सी, बेलचा, काँटे और अन्य उपसाधन जैसे निवेश की खरीदी पर आर्थिक सहायता दी जाती है.

 

योग्यता:

योजना के अमल के लिए जिनके पास पर्याप्त ज्ञान और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चुरल सुविधाएं है उन किसानो, व्यक्तिओ, सहकारी समाज, कंपनियों, व्यक्तिओं के समूह को लोन सहायता दी जाती है.

 

लोन की सीमा:

जरूरत पर आधारित.

 

लोन का पुन:भुगतान:

निम्न सूचित अवधि के अंदर लोन का पुन:भुगतान होना जरूरी है:-
तालाब की मछली का संवर्धन:
पुन:भुगतान के वार्षिक प्रकार के साथ सगर्भता अवधि सहित 5-8 साल.
खारे पानी की मछली/झींगा का संवर्धन:
पुन:भुगतान के छह-मासिक प्रकार के साथ सगर्भता अवधि सहित 5-10 साल.