फसल लोन (एसीसी)
हेतु: विभिन्न फसलो के लिए खेती के खर्च को पूरा करने के लिए आर्थिक सहायता.
फसल लोन के लिए कौन योग्य है: कृषिक, काश्तकार और बटाईदार जो असल में जमीन पर खेती करते है वे इन लोन के लिए योग्य है. किसानो के सभी वर्ग - छोटे/उपान्त और अन्य समाविष्ट है.
लोन राशि: प्रति एकर फसल की खेती के हिसाब से हर फसल की खेती के लिए हुए खर्च के आधार पर लोन की राशि तय की जाती है और खेती का 90% खर्च (धनराशि का पैमाना) लोन के रूप में दिया जाता है.
आप को कौन से कागजात देने है:
  1. खेती के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए जमीन के रिकार्ड
  2. विभिन्न फसल के तहत क्षेत्रफल
  3. अन्य ऋण के स्त्रोत जैसे सहकारी सोसायटी और बैंक
लोन की अदायगी:: फसल की खेती की जरूरतो के मुताबिक लोन की राशि नगद और माल के रूप में दी जाती है (खाद, कीटनाशक वगैरा के लिए)
सुरक्षा
लोन राशि प्रदान की जानेवाली सुरक्षा
रु.50,000 तक फसलो की भाराक्रांति.
रु.50,000 से उपर और रु.1,00,000 तक
  1. फसलो की भाराक्रांति
  2. जमीन गिरवी रखना या तीसरे पक्षकार की गैरंटी
रु.1,00,000 से उपर
  1. फसलो की भाराक्रांति
  2. जमीन गिरवी रखना
बॉर्ड/फैक्टरी/कँपनियो के साथ गठबंधन की व्यवस्था के तहत तंबाकु, गन्ना और अन्य फसल के लिए
रु.1 लाख तक फसलो की भाराक्रांति
एक लाख से उपर
  1. फसलो की भाराक्रांति
  2. जमीन गिरवी रखना