इंडियन बैंक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी)

 

पात्रता :

सभी किसान

प्रयोजन : 

मौसमी, सालाना और सदाबहार फसलों की खेती के लिए छोटी अवधि के उधार की जरूरतों को पूरा करना। वित्त के जिलावार पैमाने को एक सूचक मूल्य की तरह समझा जाएगा। उच्च पैदावार वाली सिंचित फसलों की किस्मों के मामले में यह सीमा वित्तीय पैमाने की 120 प्रतिशत तक निर्धारित की जाएगी, जहां अच्छी किस्म के प्रयासों के लिए किसी प्रतिष्ठित कंपनी के साथ जुड़ाव हो और अतिरिक्त लागत की जरूरत हो। उपरोक्त के अतिरिक्त, केसीसी की सीमा नीचे दिये अनुसार निकाली जाएगी।

फसल के बाद/किसान की घरेलु जरूरतों के लिए निर्धारित सीमा के दस प्रतिशत और अधिकतम रू. :

25,000 प्रति किसान। दस प्रतिशत कृषि उपकरणों के रखरखाव के लिए, जिसमें अधिकतम रू. 25,000 प्रति किसान। 
खेती की लागत में वृद्धि के लिए प्रावधान - 10 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से वित्त पैमाने की वृद्धि का 20 प्रतिशत

ब्याज की दर :

फसल ऋण :

रू. 3 लाख तक - 7 प्रतिषत की दर से (भारत सरकार से २ प्रतिशत ब्याज का अनुदान) 
रू. 3 लाख से 5 लाख - BPLR + 0.50 = 13.00% की दर से 
रू. 5 लाख - BPLR + 1.00 = 13.50% की दर से

योजना की अन्य विशेषताएं :
  1. यह कार्ड तीन वर्षो के लिए वैध हैं और इसके बाद खाते के सन्तोषप्रद तरीके से चलने पर इसका नवीनीकरण किया जा सकता है।
  2. स्वीकृत सीमा एक चक्रीय उधार के रूप में होगी। इसलिए, मौसम में निकासी की सीमा के अन्दर कितनी भी संख्या में नामे/जमा किए जा सकेंगें।
  3. खाते में निकासी संबंधित मौसम के लिए निर्धारित सीमा तक प्रतिबंधित होगी। निकासी/पुर्नःभुगतान सूची को ली जा रही फसल के आधार पर निकाला जाएगा।
  4. एक मौसम के लिए दी गई ऋण राशि को फसल कटने की तिथि से दो महीनों के भीतर समायोजित करना होगा।
  5. निकासी तथा मौसम की सीमाओं के अनुरूप रहने के शर्तों पर खातों के सन्तोषप्रद तरीके से संचालन पर ही नवीनीकरण की अनुमति होगी।
  6. चिठ्ठा, अदंगल तथा अन्य कृषि दस्तावेज तीन वर्षो में एक बार प्राप्त किए जाएंगें।
  7. सभी पात्र आयबीकेसी किसानों को पीएआयएस (व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना) के अन्तर्गत सुरक्षित किया जाएगा।
  8. निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के अन्तर्गत सूचीबद्ध क्षेत्रों में सूचीबद्ध फसलों के लिए बीमा सुरक्षा ली जाएगी।